Monthly Archives: July, 2013

सोचती हु एक किताब लिखू…


सोचती हु एक किताब लिखू…
भूली बिसरी हर बात लिखू…
किसी से कोई मुलाकात लिखू…
या अपने दिल के हालात लिखू…
सोचती हु एक किताब लिखू…

कुछ बाते है भूली सी…कुछ बाते अब याद नहीं…
कुछ यादे है धुंदली सी…अब यादो में वो बात नहीं…
करके याद पुराने किस्सों को…कोई नयी सी बात लिखू..
सोचती हु एक किताब लिखू…

लोग जो अक्सर साथ चले…या छोड़ दिया था साथ कही…
समय ही कुछ ऐसा था…पर ऐसे भी तो हालात नहीं…
थाम के फिर से हाथ वो…कोई किस्सा कुछ खास लिखू…
सोचती हु एक किताब लिखू…

मिला था कोई चलते चलते…खो गया राह में कही…
कह गया कोई बात नयी…और ले गया एहसास सभी..
खो चुके जो दिल में कही…ऐसे कुछ एहसास लिखू…
सोचती हु एक किताब लिखू…

धुंधला सा एक सपना….याद बहुत जो आता है…
आज भी नींद में आके…आँखे नम कर जाता है…
जाग के अब नींद से…नया कोई ख्वाब लिखू…
सोचती हु एक किताब लिखू…
भूली बिसरी हर बात लिखू…

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