Monthly Archives: September, 2013


हमेशा की तरह मैंने किस्सा कुछ यु ख़तम किया…
बताकर तेरी गलती को अपना खुद पे रहम किया…


अंधेरो में ढूँढती हु चमक जुगनुओ की…
परहेज़ रौशनी से नही..पर आदत उजालो की कुछ कम है…

शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाये…


मंजिले बदलती गयी, कारवाँ बदलते गये…
पर वो दो कदम हमेशा, साथ चलते रहे…
हर अंधेरी राह को रौशन करने के लिए…
वो खुद चिराग बनकर जलते चलते गये…
उनके प्रेमपूर्व आशिर्वचन पाकर हम…
जीवन लक्ष्य की ओर बढ़ते चले गये..
जिनके अनमोल वचनो से प्रेरित होकर…
लड़खड़ते कदम हमारे सम्हलते चले गये…
बाधाओ को पर कर आगे बढ़ना सिखाया…
और फूल बनाकर कांटो मे खिलते रहे…
गुरु बनकर ज्ञान की ज्योत जलाई…
और दोस्त बनकर हमेशा मिलते रहे…