Monthly Archives: October, 2013

अच्छे तो हम बच्चे थे…


टूटे हुए दिल से, टूटे खिलोने अच्छे थे…
डाट से बचने को झूट बोलते पर दिल के बड़े सच्चे थे…
रातो मे नींद थी और दिन भी बड़े अच्छे थे…
बड़े होकर बड़े निराश हुए, अच्छे तो हम बच्चे थे…