Monthly Archives: January, 2014

तुम्हारी याद आती तो बहुत है…


तुम्हारी याद आती तो बहुत है…
दिल को मेरे तड़पाती बहुत है…
दिल को अपने बहला लेती हु मै…
हौले से जख्म अपने सहला लेती हु मै…
दूर रहकर भी जुदा नहीं है…
शिकायत है मगर खफा नहीं है…
कैसे करे अफ़सोस कि दुरिया है…
ये तो वक़्त की मजबूरिया है…
पाकर किसी को खो देती हु मै…
याद कर तुम्हे रो लेती हु मै…
सहेजकर रखा है इन यादो को अल्फाज़ो में…
छुपा रखा है इन अल्फाज़ो को कही किताबो में…

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