Monthly Archives: November, 2014

कदम…


चल-चलकर ठोकरों के आदी हो गए कदम…अब मंज़िल देख के भी ठहरते नहीं!!!

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ना जाने किसके इंतज़ार मे!!!


दिन तो गुजर गया जैसे तैसे, पर शाम ठहर गयी….ना जाने किसके इंतज़ार मे!!!